Shikayat Se Samadhan: एक ही मंच पर जनता को मिला भरोसा

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Shikayat Se Samadhan: -जन की सरकार, जन-जन के द्वार : सरकार पहुँची जनता के द्वार, समस्याओं का त्वरित समाधान

“धामी सरकार का सुशासन मॉडल: 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ”

“सरकार पहुँची जनता के द्वार: ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम में रिकॉर्ड निस्तारण”

“मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जवाबदेह शासन की मिसाल”

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम आम जनता के लिए एक प्रभावी और भरोसेमंद सुशासन मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है। आज 02 जनवरी 2026 को आयोजित कैम्पों की प्रगति रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि सरकार अब केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

प्रदेश के 13 जनपदों में आयोजित 204 कैम्पों में 1,35,000 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की। इन कैम्पों के माध्यम से हजारों शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा बड़ी संख्या में नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित 19,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम सुशासन, संवेदनशीलता और समाधान की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि “ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड में सुशासन की नई कार्यसंस्कृति है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारी स्वयं जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करें—यही जवाबदेह और संवेदनशील शासन की पहचान है।”

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैम्पों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत और आवेदन का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यक्रम की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।

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