PM Modi Somnath Mandir: सोमनाथ में पीएम मोदी ने किया जलाभिषेक जाने क्यों है खास सोमनाथ मंदिर

PM Modi Somnath Mandir: प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के आंगन में भक्ति और श्रद्धा का आज सैलाब दिखाई दे रहा है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया और वैदिक मंत्र के साथ विशेष पूजा अर्चना भी की।

PM Modi Somnath Mandir

आईए जानते हैं क्यों इतना खास है सोमनाथ मंदिर दुनिया भर के मंदिरों में इतना महत्वपूर्ण क्यों है और इसकी वास्तुकला में क्या रहस्य छुपा हुआ है।

पौराणिक मान्यताओं का ऐसा मानना है कि सोमनाथ को 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। इस स्थान को प्रभास तीर्थ भी कहा जाता है ।कथा है कि प्रजापति दक्ष के श्राप से मुक्ति पाने के लिए चंद्र देव ने इसी स्थान पर भगवान शिव की तपस्या की थी उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें पुनर्जीवन दिया इसलिए इस मंदिर का नाम सोमनाथ पड़ा जिसका अर्थ है चंद्रमा के स्वामी।

सोमनाथ मंदिर अपनी वास्तुकला और आधुनिक इंजीनियरिंग और इसके साथ ही प्राचीन शिल्प का बेजोड़ नमूना माना जाता है। ऊंचाई और कलश की बात करें तो मंदिर के शिखर की ऊंचाई 150 फीट है इसके सबसे ऊपरी हिस्से पर 10 टन भारी विशाल कलश स्थापित है । स्वर्ण आभा यानी कि पूरा मंदिर परिसर 1666 स्वर्ण मंदिर कलशो से जगमगा रहा है मंदिर की ध्वजा 27 फीट ऊंची है जो दूर समुद्र से ही दिखाई देती है ।मंदिर को तीन मुख्य हिस्सों में बांटा गया है जिसमें गर्भ गृह सभा मंडप, नृत्य मंडप यहां के नक्काशी और भारतीय संस्कृति की बारीकियां को जीवंत करती है।

चलिए जानते हैं सोमनाथ धाम की  विशेषता

मंदिर में एक अखंड ज्योति जलती रहती है जिसे शिव के स्थाई स्वरूप का प्रतीक माना जाता है । वर्तमान मंदिर चालुक्य शैली की वास्तुकला में बना है इसकी भव्यता और नक्काशी देखते ही बनती है  बाण स्तंभ यह मंदिर की दक्षिण दिशा में स्थापित एक स्तंभ है इस पर संस्कृत में एक शिलालेख है जो कहता है कि इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक पृथ्वी पर कोई भूभाग नहीं है।  कपिल कुंड मंदिर के पास कपिल मुनि द्वारा स्थापित कपिल कुंड है जहां स्नान को पवित्र माना जाता है। आपको बता दे कि  यह प्राचीन प्रथम ज्योतिर्लिंग शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए आंकड़े बताते हैं हर साल लगभग 92 से 97 लाख श्रद्धालु भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

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