Chaar Dham Yatra Registration: उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का शुरुआत होने वाला है देश दुनिया के श्रद्धालु भारी संख्या में आते हैं . दर्शन करने के लिए शुक्रवार सुबह 7:00 से पंजीकरण के लिए आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है .
Chaar Dham Yatra Registration
अगर आप भी बाबा केदार धाम या बद्री विशाल के दर्शन करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है इस साल यात्रा की शुरुआत अप्रैल के तीसरे सप्ताह से होगी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की कपाट खुलने के साथ यात्रा का शुरुआत होगा और 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे 23 अप्रैल को भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
चलिए आपको बताते हैं कि रजिस्ट्रेशन कैसे करना है
श्रद्धालु registraionandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपना स्टॉल बुक कर सकते हैं
स्मार्टफोन यूजर Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण कर सकते हैं .
इसके अलावा जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं करते उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश हरिद्वार देहरादून में ऑफलाइन काउंटर भी शुरू किए जाएंगे
किसी भी सहायता के लिए विभाग ने 0135-1364 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
सबसे पहले अकाउंट बनाएं वेबसाइट के होम पेज पर रजिस्ट्रेशन लोगों पर क्लिक करें अपना नाम मोबाइल नंबर और ईमेल भरकर अकाउंट बनाएं मोबाइल पर आए ओट से वेरीफाई करें।
लोगिन करने के बाद क्रिएट Manage Tour पर जाएं यहां तय करें कि आप अकेले जा रहे हैं या फिर समूह में यात्रा की तारीख और उत्तराखंड प्रवेश का स्थान जैसे कि हरिद्वार चुने।
धाम और तारीख का चयन उ जहां आप जाना चाहते हैं कैलेंडर में अपनी सुविधा मुताबिक तारीख चुने यदि तारीख लाल दिख रही है तो समझे उसे दिन का कोटा फुल हो चुका।
यात्री का नाम उम्र फोटो और सरकारी पहचान पत्र यानी कि आधार वोटर आईडी की जानकारी भरे और स्कैन कॉपी अपलोड करें।
सभी जानकारी रखने के बाद सबमिट करें पंजीकरण सफल होने पर आपको कन्फर्मेशन मैसेज और यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्ड प्राप्त होगा।
एक और पंजीकरण शुरू हो चुका है तो दूसरी ओर सरकार द्वारा दर्शनार्थियों की संख्या सीमित करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है चार धाम होटल एसोसिएशन ऐसे स्थानीय व्यापार के लिए नुकसान बताया है संगठन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा हालांकि सरकार कह रही है कि माली क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी है।
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