Vidhya Bharati Bhawan
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के केंद्रीय कार्यालय ‘विद्या भारती भवन’ का आज दिनांक 2 अप्रैल 2026 को वैदिक विधि-विधान के साथ भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ। यह अवसर भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त रूप देने वाला ऐतिहासिक क्षण सिद्ध हुआ।
Vidhya Bharati Bhawan
इस गरिमामय समारोह में भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री सुरेश सोनी जी, विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे जी, पूज्या आनंदमूर्ति गुरु माँ (गन्नौर, हरियाणा), अखिल भारतीय महामंत्री श्री देशराज शर्मा जी, संगठन मंत्री श्री गोविंद महंत जी, सह संगठन मंत्री श्री यतींद्र जी एवं श्री रामअरावकर जी, उच्च शिक्षा के संगठन मंत्री श्री रघुनंदन जी सहित देशभर से आए प्रांतीय, क्षेत्रीय एवं अखिल भारतीय पदाधिकारी, प्रबंध समिति सदस्य, आचार्य एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रातःकाल दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नव-निर्मित केंद्रीय कार्यालय ‘विद्या भारती भवन’ का हवन एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। तत्पश्चात बाल भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मुख्य मंचीय कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।
विद्या भारती दिल्ली प्रांत के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, समूहगान एवं लोकनृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं राष्ट्रभाव का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रारंभिक स्वागत उद्बोधन में अखिल भारतीय महामंत्री श्री देशराज शर्मा जी ने अतिथियों का परिचय कराते हुए कहा कि विद्या भारती आज विश्व का एक विशाल शैक्षिक संगठन बन चुका है, वर्तमान में छात्र, पूर्व छात्र, आचार्य, पूर्व आचार्य एवं कार्यकर्ताओं का एक विशाल परिवार प्रतिदिन शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपनी जड़ों, संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्या भारती देशभर में अनेक प्रकल्पों का संचालन कर रही है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही, संगठन द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं भविष्य में टीवी चैनल प्रारंभ करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने उद्बोधन में विद्या भारती को शिक्षा, भाषा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण “रेफरेंस पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा, बैगलेस डे, शिक्षक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास जैसे अनेक प्रावधान विद्या भारती के प्रयोगों से प्रेरित हैं।
पूज्या आनंदमूर्ति गुरु माँ ने अपने उदबोधन में विद्या भारती द्वारा दूरदराज, सीमांत एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवीन केंद्रीय कार्यालय के माध्यम से संगठन अपने कार्यों को और अधिक गति प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सुरेश सोनी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्या भारती को आज व्यापक सामाजिक स्वीकृति प्राप्त हो रही है, किंतु अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य शेष हैं। उन्होंने शिक्षा में केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि भावनात्मक, मानवीय एवं संवेदनशील विकास पर बल देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को मूल्याधारित, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित एवं संवेदनशील बनाना आवश्यक है।
वर्तमान में विद्या भारती का व्यापक शैक्षिक विस्तार हो चुका है। विद्या भारती आज देश के सबसे बड़े गैर-सरकारी शैक्षिक संगठनों में से एक है, जो 684 जिलों में संचालित 24,000 से अधिक औपचारिक विद्यालयों, 59 महाविद्यालयों एवं 2 विश्वविद्यालयों के माध्यम से कार्य कर रहा है। लगभग 33 लाख छात्र एवं 1.5 लाख आचार्य इस व्यवस्था से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त, सेवा बस्तियों, वनवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 10,000 से अधिक एकल विद्यालयों एवं संस्कार केंद्रों के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है। 11 प्रांतों के 46 प्रांतीय समितियों के माध्यम से 28 से अधिक शैक्षिक प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मातृभाषा आधारित, संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रकेंद्रित शिक्षा प्रदान करना है।
इस अवसर पर ‘विद्या भारती भवन’ के निर्माण में योगदान देने वाले आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कांट्रेक्टर एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में विद्या भारती दिल्ली प्रांत की प्रबंध समिति के सदस्य, समस्त विद्यालय परिवार जिसमें अध्यक्ष, प्रधानाचार्य, आचार्य, पूर्व आचार्य, पूर्व छात्र, मातृ भारती एवं अभिभावक — बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्पूर्ण आयोजन राष्ट्रभक्ति, संस्कार और सेवा भाव से ओतप्रोत रहा
अंत में विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विद्या भारती दिल्ली प्रांत के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा सभी पधारे अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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