केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल में किसानों से किया सीधा संवाद; कहा- TMC सरकार ने सिर्फ वोटों की फसल काटने का काम किया
सिंगूर की जमीन ममता बनर्जी की विफलता का स्मारक बन गई
ममता दीदी को किसान या जनता से नहीं, कुर्सी से प्रेम है
आलू किसान की मेहनत का अपमान, माटी के मोल बिक रही फसल
ममता सरकार ने किसानों को मंझधार में छोड़ा
हम सिंगूर को बनाएंगे एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब
हर किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम हमारा संकल्प
अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा और बंगाल में कमल खिलेगा
-शिवराज सिंह चौहान
कोलकाता/नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026 केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने सिंगूर में उस विवादित जमीन का भी निरीक्षण किया, जहां कभी टाटा मोटर्स का नैनो प्लांट प्रस्तावित था। उन्होंने यहां आलू के खेतों का निरीक्षण कर किसानों से बातचीत की और उनकी चुनौतियों व समस्याओं को समझा। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कोलकाता में आयोजित स्वर्णकार समाज की सोशल कॉन्फ्रेंस में भी शिरकत की। इस दौरार सिंगूर में उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, सिंगूर की ज़मीन पर न खेती हो रही है और न ही कोई उद्योग स्थापित हुआ है। यह भूमि अब सीधे-सीधे राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक बन चुकी है।
सिंगूर बना ममता दीदी की विफलता का स्मारक
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, सिंगूर का नाम सुनते ही टाटा फैक्ट्री आंदोलन याद आता है, जिसके सहारे ममता बनर्जी सत्ता तक पहुंचीं। लेकिन आज सिंगूर की हालत देखकर मैं हैरान रह गया। न वहां फैक्ट्री बनी, न जमीन खेती के लायक छोड़ी गई। जमीन के नीचे सीमेंट-कंक्रीट भरा पड़ा है और उसे हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि, दस साल बीत गए, लेकिन किसान आज भी वहीं खड़ा है। न खेती कर पा रहा है, न कोई उद्योग लगा। किसानों की आंखों में आंसू हैं, वो कह रहे हैं, हम तो कहीं के नहीं रहे। यह स्थिति ममता सरकार की नाकामी का जीता-जागता प्रमाण है। सिंगूर आज ममता बनर्जी की विफलता का स्मारक बन चुका है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, फैक्ट्री लगने नहीं दी और खेती भी नहीं होने दी। किसान को बीच मंझधार में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि, यह किसानों के साथ विश्वासघात है। केवल सत्ता पाने के लिए किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया और बाद में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ममता दीदी को जनता या किसानों से कोई प्रेम नहीं है, उन्हें केवल कुर्सी से प्यार है। अगर जरा भी संवेदना होती, तो सिंगूर को एक मॉडल बनाकर दिखातीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बंगाल सरकार ने योजनाओं का लाभ नहीं लिया
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, जब आलू के दाम गिरते हैं तो केंद्र सरकार के पास PSS, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम और भावांतर भुगतान जैसी योजनाएं हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आज तक इन योजनाओं के तहत कोई प्रस्ताव ही नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि, मैंने खुद अधिकारियों से फोन करवाया, लेकिन जवाब मिला कि चुनाव में व्यस्त हैं। क्या किसानों से ज्यादा जरूरी चुनाव है.? अगर राज्य सरकार मांग करती, तो केंद्र सरकार तुरंत अनुमति देती और किसानों को राहत मिलती। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, इतना ही नहीं, बंगाल सरकार ने किसानों को दूसरे राज्यों में आलू बेचने से भी रोक दिया। अगर ओडिशा में ज्यादा दाम मिल रहा है, तो किसान को वहां बेचने क्यों नहीं दिया जाता.? ये कैसा किसान विरोधी फैसला है.? शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यह घटिया राजनीति है और इसका खामियाजा किसान भुगत रहा है। उन्होंने ममता सरकार से सवाल करते हुए कहा कि, किसानों ने आपका क्या बिगाड़ा है, जो उनके साथ ऐसा अन्याय किया जा रहा है?
आलू किसानों के साथ अन्याय
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, बंगाल की धरती मेहनतकश किसानों की धरती है, यहां का किसान दिन-रात खून-पसीना बहाकर फसल उगाता है। पानी से नहीं, अपने खून से खेतों को सींचता है, तब जाकर अन्न पैदा होता है। लेकिन आज वही किसान अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं पा रहा, ये बेहद दुखद और शर्मनाक है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, इस साल आलू की फसल बहुत अच्छी हुई, किसान ने कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन टीएमसी सरकार के निकम्मेपन और ममता दीदी की उदासीनता के कारण आज किसान का आलू माटी के मोल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि, 100 रुपए में 50 किलो आलू बिक रहा है, ये किसान के साथ क्रूर मजाक नहीं तो क्या है.? किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहा।
बंगाल में कमल खिलने का समय आ गया
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही, सिंगूर को एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बनाया जाएगा। यहां कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे, नई तकनीक लाई जाएगी, और किसानों की उपज का वैल्यू एडिशन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि, एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड, एमआईडीएच और एनएचबी योजनाओं के तहत कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। इससे किसानों को भी फायदा होगा और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, केंद्र सरकार किसानों की सेवा को भगवान की पूजा मानती है। राज्य सरकार प्रस्ताव भेजे तो एक-एक आलू की खरीदी की अनुमति दी जाएगी। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, टीएमसी की यह अंधेरी रात ज्यादा दिन नहीं चलेगी। अन्याय की इस रात के बाद विकास की सुबह जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है कि, अब परिवर्तन तय है और कमल खिलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि, मैं केवल मंत्री नहीं, आपका मामा हूं। जब भी जरूरत हो, आप मुझसे मिल सकते हैं। हम मिलकर किसानों की हर समस्या का समाधान करेंगे।
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