UP tableau Kartavya Path: कर्तव्य पथ पर नजर आएगी बुंदेलखंड की शान, यूपी की झांकी में दिखेगी विरासत और विकास की एकजुट तस्वीर

UP tableau Kartavya Path

UP tableau Kartavya Path: कालिंजर दुर्ग से ब्रह्मोस तक, परंपरा और प्रगति के अद्भुत संगम का दिखेगा नजारा

योगी सरकार के नेतृत्व में बुंदेलखंड की संस्कृति, शिल्प और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का होगा भव्य प्रदर्शन

ओडीओपी, लोकनृत्य और पर्यटन से लेकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक दिखाई जाएगी बुंदेलखंड की संपूर्ण झलक

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नई दिल्ली/लखनऊ, 22 जनवरी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी इस वर्ष भी देश-विदेश के दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तीव्र विकास यात्रा को दर्शाने वाली इस झांकी में बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है। झांकी के माध्यम से प्राचीन कालिंजर दुर्ग की ऐतिहासिक गरिमा के साथ-साथ आधुनिक उत्तर प्रदेश की तेजी से आगे बढ़ती छवि को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। यह प्रस्तुति योगी सरकार के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विरासत का संरक्षण और विकास का संतुलन समान रूप से महत्वपूर्ण है।

कालिंजर से शुरू होती विरासत की यात्रा
झांकी के अग्रभाग में कालिंजर दुर्ग की प्रसिद्ध शैल-कला कृतियों में से एक एकमुख लिंग को स्थापित किया गया है, जो बुंदेलखंड की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। यह क्षेत्र की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है। झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड की जीवंत हस्तशिल्प परंपराओं, मृद्भांड कला, मनका शिल्प और स्थानीय व्यापार को दर्शाया गया है। ये सभी ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत आते हैं, जो योगी सरकार द्वारा पारंपरिक कारीगरों को बाजार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में की गई ठोस पहल का प्रमाण हैं। यह हिस्सा बुंदेलखंड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान को रेखांकित करता है।

पर्यटन और आस्था का संगम
झांकी के पिछले भाग में कालिंजर दुर्ग के नक्काशीदार स्तंभों और भव्य द्वारों को दर्शाया गया है, जहां पर्यटक इसके ऐतिहासिक गलियारों का अनुभव करते हुए नजर आते हैं। साथ ही, नीलकंठ महादेव मंदिर का भव्य स्वरूप कालिंजर की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत को सुदृढ़ करता है। यह प्रस्तुति बुंदेलखंड को एक प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करती है। बुंदेली कलाकार झांकी में पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए क्षेत्र के लोकजीवन, उत्सवधर्मिता और सांस्कृतिक रंगों को जीवंत बनाते हैं। यह दृश्य बुंदेलखंड की जड़ों से जुड़ी जीवनशैली और लोकपरंपराओं को दर्शाता है।

विकास की नई ऊंचाइयों को छूता आधुनिक यूपी
झांकी का अंतिम भाग किले की स्थापत्य शैली से प्रेरित आधुनिक संरचना के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक प्रगति, आधारभूत ढांचा और नवयुगीन निर्माण की झलक दिखाई देती है। यह योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तेज़ विकास यात्रा, सशक्त रक्षा क्षमता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को दर्शाता है। यह झांकी स्पष्ट संदेश देती है कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए आधुनिकता और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बुंदेलखंड की झांकी न केवल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करेगी, बल्कि यह भी बताएगी कि परंपरा और प्रगति एक साथ चलकर प्रदेश को नए भारत की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।

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