Property New Rules 2025: भारत सरकार ने प्रॉपर्टी सेक्टर में 2025 से नए नियमों की घोषणा की है। यह बदलाव जमीन, मकान, प्लॉट और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने, रजिस्ट्रेशन और टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाएंगे। आइए जानते हैं क्या है वो नियम
Property New Rules 2025
डिजिटल इंडिया के तहत, अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक सभी काम ऑनलाइन होंगे। आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाओं से फ्रॉड कम होंगे। इन नियमों का मकसद महिलाओं की प्रॉपर्टी अधिकारों को मजबूत करना, टैक्स में छूट देना और प्रॉपर्टी डिस्प्यूट्स को जल्दी सुलझाना है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में जमीन के इस्तेमाल, GST दरों और कृषि भूमि को रेजिडेंशियल में बदलने के नए निर्देश भी जारी किए गए हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं 2025 के संपत्ति के नये नियम के बारे में!
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल सिग्नेचर
- ऑनलाइन आवेदन – सरकारी वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरें।
- डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें – स्कैन कॉपी ऑफ सेल डीड, टाइटल डीड और पैन कार्ड।
- फीस ऑनलाइन भुगतान – UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से।
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन – आधार से फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन।
नया फायदा: अब रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया वीडियो रिकॉर्ड होगी, जो डिस्प्यूट केस में प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल की जा सकेगी।
नियम का नाम मुख्य बदलाव
सभी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन अपलोड, रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं
प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स के साथ आधार कार्ड अनिवार्य, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
अफोर्डेबल होम्स पर 1%, रेजिडेंशियल पर 5% और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 12% GST
2 सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टीज पर टैक्स छूट, पहले सिर्फ 1 पर थी छूट
पैतृक संपत्ति में बेटियों का बराबर अधिकार, विवाहित महिलाओं को पति की प्रॉपर्टी पर हक
सभी प्रॉपर्टीज का डिजिटल रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल्स पर उपलब्ध
बेनामी प्रॉपर्टी पर लगाम
- प्रॉपर्टी मालिक का आधार नंबर संपत्ति के रिकॉर्ड से जुड़ेगा।
- बेनामी लेनदेन रोकने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य।
- अगर प्रॉपर्टी किसी और के नाम है, तो आधार लिंक नहीं होने पर ट्रांजैक्शन रुकेगा।
2025 में नई दरें
- अफोर्डेबल होम्स (₹45 लाख तक) 1%
- रेजिडेंशियल (बिना ITC) 5%
- कमर्शियल प्रॉपर्टीज 12%
नोट: प्लॉट की खरीद पर GST नहीं लगेगा, बशर्ते उसमें कोई कंस्ट्रक्शन न हो।
दो घरों पर टैक्स छूट
- बजट 2025 के मुताबिक, अब 2 सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टीज पर वार्षिक मूल्य (AV) निल माना जाएगा।
- पहले सिर्फ 1 प्रॉपर्टी पर यह छूट थी।
- टैक्सपेयर्स को रेंटल इनकम नहीं मिलने पर भी टैक्स देनदारी से राहत।
महिलाओं के प्रॉपर्टी अधिकार
- पैतृक संपत्ति: बेटियों को बेटों के बराबर हक।
- विवाहित महिलाएं: पति की प्रॉपर्टी पर कानूनी अधिकार, तलाक के बाद हिस्सेदारी।
- विधवाओं के अधिकार: पति की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी पर पूरा कंट्रोल।
कृषि से आवासीय भूमि रूपांतरण
- कृषि भूमि को रेजिडेंशियल में बदलने के लिए CLU (Change of Land Use) सर्टिफिकेट जरूरी।
- फीस: राज्यों के हिसाब से अलग (उदा. हरियाणा में ₹10 प्रति वर्ग मीटर)।
- बिना परमिशन नॉन-एग्रीकल्चर यूज पर 3 साल की जेल या ₹10 लाख जुर्माना।
संपत्ति विवाद समाधान
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: प्रॉपर्टी केस 6 महीने में निपटाने का लक्ष्य।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: छोटे डिस्प्यूट्स का ऑनलाइन समाधान।
- विल (वसीयत) और इनहेरिटेंस रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण अनिवार्य।
किराया एवं पट्टा नियम 2025
- किराएदारी समझौते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य।
- लैंडलॉर्ड्स को किराए में मनमानी बढ़ोतरी पर रोक।
- टीडीएस लिमिट ₹6 लाख सालाना तक बढ़ाई गई।
संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- आधार और पैन कार्ड
- सेल डीड/टाइटल डीड
- नॉन-एनकम्बरेंस सर्टिफिकेट
- म्युनिसिपल टैक्स रिसीट
स्ट्रैस्ड प्रोजेक्ट्स को राहत
- सरकार ने ₹15,000 करोड़ के फंड से अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की योजना बनाई।
- पहले SWAMIH फंड से 50,000 घर पूरे हुए, 2025 में 40,000 और बनेंगे।
Disclaimer: भारत सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना में प्रकाशित किए गए हैं। हालाँकि, किसी भी प्रॉपर्टी डील से पहले अपने लोकल रजिस्ट्रार ऑफिस या वकील से सलाह जरूर लें।
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