Mini Nandini Krishak Yojana :योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई

Mini Nandini Krishak Yojana:

गोसेवी परिवार के लिए मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना साबित हुई टर्निंग प्वाइंट

सीएम योगी के गो संरक्षण मिशन का बड़े पैमाने पर अनुसरण कर समृद्ध बन रहे यूपी का युवा

प्रतापगढ़ के युवक की सफलता युवाओं के लिए बनी प्रेरणादायक, अब ए2 दूध के उत्पाद के कारोबार की कर रहा तैयारी

योगी सरकार में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन को मिल रहा बढ़ावा

पिता ने एक घायल गाय की सेवा की, बेटे को मिली आधुनिक डेयरी की प्रेरणा, आज 25 गोवंश बने आय का जरिया

Mini Nandini Krishak Yojana

लखनऊ, 22 जुलाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं। पांच वर्ष पहले उनके पिता को एक घायल देसी गाय मिली थी। परिवार ने उसकी सेवा-भाव से देखभाल शुरू की और यही गोसेवा आगे चलकर सफलता का आधार बन गई। बाद में योगी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ मिला, आधुनिक डेयरी स्थापित हुई और आज उसी सफर ने परिवार को सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय, 25 गोवंश और गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार देने वाले डेयरी उद्यमी के रूप में पहचान दिलाई है।

गोसेवा से शुरू हुआ सफर, योजना ने दी नई उड़ान

शिवम बताते हैं कि उनके पिता राकेश सिंह को रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली, जिसे घर लाकर उसकी सेवा की। उसी गाय की देखभाल करते-करते पिता-पुत्र दोनों का लगाव गोपालन से बढ़ता गया। धीरे-धीरे गोवंश की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते यह 25 तक पहुंच गई। इसी दौरान उन्हें यूट्यूब पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी मिली।

योगी सरकार की योजना इस तरह ला रही बदलाव

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए उन्होंने आवेदन किया। चयन होने के बाद उन्हें पांच लाख का ऋण मिला। शिवम राजस्थान से साहीवाल और गिर नस्ल की 10 उत्कृष्ट गायें लेकर आए। अभी उनकी डेयरी से प्रतिदिन लगभग 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय 20 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई है। शिवम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना का लाभ लेकर वे अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वे अपने गांव और आसपास के लोगों को रोजगार भी देंगे।

अब ए2 दूध के उत्पाद और नस्ल सुधार पर फोकस

शिवम ने शुरुआत से ही अपनी डेयरी में बेहतर तकनीक का उपयोग किया है, जिससे अच्छी नस्ल की बछियाओं का जन्म हो रहा है और स्वदेशी नस्ल की गाय के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। अब उनका लक्ष्य शुद्ध ए2 दूध से घी और अन्य मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाना है। साथ ही वे उच्च गुणवत्ता वाली देसी नस्लों के ब्रीड डेवलपमेंट पर बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।

युवाओं के लिए बन रहा प्रेरक मॉडल

शिवम सिंह की कहानी बताती है कि सेवा भाव, आधुनिक तकनीक और सरकार की सही योजना का साथ मिल जाए तो ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। एक घायल देशी गाय से शुरू हुआ यह सफर आज आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का ऐसा मॉडल बन चुका है, जो प्रदेश के अन्य युवाओं को भी पशुपालन और डेयरी उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रहा है।

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