नई दिल्ली, 25 जून 2026। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से आता है और कोई शिक्षक का बेटा है। साधारण परिवारों से निकलकर बड़े सपने देखने वाले ऐसे युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। गुरुवार को इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।
द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे इन विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को अपनी तैयारी और संघर्ष की यात्रा के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आगामी मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन युवाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी संसाधन या पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। जब किसान, राजमिस्त्री और शिक्षक परिवारों के बच्चे देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल करते हैं, तो वे पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मुख्य परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षित, जागरूक और संवेदनशील युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसी पहलें दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्रदान कर रही हैं। इसका परिणाम आज इन विद्यार्थियों की सफलता के रूप में सामने आ रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
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