Banjara Ekta Sankalp Yatra :
नई दिल्ली, 26 जून 2026
आज नई दिल्ली के राघवेंद्र मठ, द्वितीय तल, सेक्टर-12, आर.के. पुरम, मोती बाग मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित “बंजारा एकता संकल्प यात्रा” के केंद्रीय कार्यालय का भव्य शुभारंभ सम्पन्न हुआ।
Banjara Ekta Sankalp Yatra
कार्यालय का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) जगन्नाथ राव ने किया। इस अवसर पर सेवागढ़ (गूती), आंध्र प्रदेश स्थित पवित्र बंजारा मंदिर के धर्माधिकारी एवं संत श्री सेवालाल महाराज की जन्मस्थली के पीठाधीश्वर श्री महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व सांसद डॉ. उमेश जाधव (कलबुर्गी), पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री रविंद्र नायक, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष आत्मा सिंह लुबाना, गोर सेना कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब राठौड़, सदाशिव चौहान, प्रवीण राठौड़ तथा काशीनाथ बिरादार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए महाराज ने कहा कि “बंजारा एकता संकल्प यात्रा” देशभर के बंजारा समाज में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, नशामुक्ति, सांस्कृतिक संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
यह ऐतिहासिक यात्रा 5 जुलाई 2026 को सेवागढ़ (गूटी), आंध्र प्रदेश से प्रारंभ होकर 14 राज्यों, 80 से अधिक जिलों तथा लगभग 7,000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 27 जुलाई 2026 को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक उद्देश्य की यात्रा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनजागरण का अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज को शिक्षित, संगठित और सशक्त बनाना है।
यात्रा के प्रमुख उद्देश्य हैं—
- शराब एवं अन्य नशों के विरुद्ध व्यापक जनजागरण।
- बच्चों एवं युवाओं में शिक्षा को बढ़ावा देना।
- महिलाओं का सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय।
- राष्ट्रीय एकता, शांति एवं सद्भाव को प्रोत्साहित करना।
- बंजारा भाषा, संस्कृति, परंपरा एवं विरासत का संरक्षण।
- युवाओं को समाज निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ना।
इस अवसर पर श्री महाराज ने बताया कि यात्रा के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों तथा अंत में भारत सरकार को एक छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा जाएगा।
बंजारा एकता संकल्प यात्रा की छह प्रमुख मांगें
- बंजारा समाज के लिए आरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ किया जाए।
- “गोरबोली/बंजारा भाषा” को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु राज्य सरकारें केंद्र सरकार को अनुशंसा करें।
- बंजारा भाषा, संस्कृति, साहित्य एवं विरासत के संरक्षण हेतु बंजारा विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।
- बंजारा तांडा एवं बंजारा आवासीय बस्तियों को पूर्ण राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए।
- वर्ष 2027 की प्रस्तावित जातीय जनगणना में बंजारा समुदाय का पृथक एवं अनिवार्य रूप से उल्लेख सुनिश्चित किया जाए।
- बंजारा समाज के युवाओं, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण योजनाओं का व्यापक विस्तार किया जाए।
यह यात्रा 27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित विशाल राष्ट्रीय समारोह के साथ सम्पन्न होगी, जिसमें देशभर से हजारों बंजारा समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सांसद, केंद्रीय मंत्री एवं विशिष्ट अतिथि भाग लेंगे।
श्री महाराज ने देशभर के बंजारा समाज एवं सभी नागरिकों से इस ऐतिहासिक सामाजिक जनआंदोलन में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
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