कौन है कृष मोहन राम मंदिर ट्रस्ट की अब संभालेंगे जिम्मेदारी

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी अब कृष्ण मोहन को सौंप गई है आपको बता दें कि कृष्ण मोहन अभी ट्रस्ट के सदस्य हैं और आईएफएस अधिकारी रह चुके हैं। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने कहा कि कृष्ण मोहन राम को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है जिम्मेदारी मिलने पर कृष्ण मोहन ने कहा कि समाज के मन में जो विश्वास का भाव उत्पन्न हुआ है उसे हम दूर करने का प्रयास करेंगे और फिर से विश्वास का भाव पैदा करेंगे।

चलिए जानते हैं कौन है कृष्ण मोहन राम

73 साल के कृष्ण मोहन राम भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत अधिकारी हैं दलित समाज से आने वाले और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले हैं कृष्ण मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संग चालक है उन्हें साल 2025 में स्त्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य भी बनाया गया था अब स्थाई महासचिव की नियुक्ति तक ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी और वही देखरेख करेंगे।

अब चलिए जानते हैं कि ट्रस्ट की बैठक में क्या-क्या हुआ

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक लगभग 3 घंटे चली बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने प्रेस से बातचीत किया गोविंद देव ने कहा कि ट्रस्ट का काम फिलहाल कृष्ण मोहन राम देखेंगे कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के मुताबिक बैठक में चंपत्र है और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर किया गया अब ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी। इसके साथ ही कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने कहा कि मंदिर का वातावरण चिंताजनक है यही नहीं उन्होंने कहा कि चंपत राय ने कहा है कि इस्तीफा स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं है 2800 वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित है ऐसा गोविंद देवगिरी ने कहा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महंत गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि कृष्ण मोहन को अंतिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंप गई है गोपाल राव को बैठक में नहीं बुलाया गया था चंपक राय भी बैठक में मौजूद नहीं थे।

बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने कहा कि यह तय किया गया था कि ट्रस्टी बोर्ड के पूरी तरह से गठन के साथ-साथ नाम सुसान के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई है इस समिति में रिटायर्ड न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश जी हमारे शामिल है जिन्होंने 10 साल तक शिरडी संस्थान का सफलतापूर्वक प्रबंध किया था इस तीन सदस्य समिति को अंतिम रूप दे दिया गया है वह अलग-अलग उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेंगे और हमें नाम सौंपेंगे जिनमें से हम अंतिम चयन करेंगे इसके साथ ही कोषाध्यक्ष ने कहा कि हम सप्तपर पर कहना चाहते हैं की चोरी चोरी होती है और सीट अभी इसकी जांच कर रही है मामला प्रशासन की जिम्मेदारी है हमारा भी आग्रह है कि देशों को पकड़ा जाए जिम वह साथी भी शामिल है जो शायद अभी भी छुपे हुए हैं।

इसके साथ ही कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने कहा कि आरोप लगाए जाते हैं कि कई बेहतरीन चढ़ने और दान की गई चीज गायब है हम आपको दिखाने के लिए इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर आए हैं हम उन सभी चीजों का विवरण पेश करेंगे जिनकी बात हो रही है।

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