एक्सक्लूसिव–
सरकार सोमवार को जो बिल लाएगी उसके पॉइंटर्स
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026: क्या बदलेगा?
- सजा और जुर्माने में कड़े प्रावधान
- परीक्षार्थियों/व्यक्तियों के लिए सजा 3–5 साल से बढ़ाकर 5–10 साल की गई।
- जुर्माना 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया।
- सर्विस प्रोवाइडर फर्म पर जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया गया।
- सर्विस प्रोवाइडर पर परीक्षा संचालन का प्रतिबंध 4 साल से बढ़ाकर 8 साल किया गया।
- कंपनी के निदेशक/वरिष्ठ प्रबंधन की मिलीभगत साबित होने पर सजा 3–10 साल की जेल बरकरार, लेकिन जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया गया।
- संगठित अपराध (Paper Leak/Exam Fraud) में सजा 5–10 साल से बढ़ाकर 7–10 साल की गई।
- संगठित अपराध के मामलों में जुर्माना 10 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया।
- समयबद्ध जांच
- एफआईआर दर्ज होने के 2 महीने के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य।
- जांच पुलिस, CBI या STF द्वारा की जा सकेगी।
- केंद्र सरकार को Special Task Force (STF) गठित करने का अधिकार।
- स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Fast Track Court गठित किए जाएंगे।
- मामलों की Day-to-Day सुनवाई होगी।
- चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना होगा।
- मामलों की पैरवी के लिए Special Public Prosecutors नियुक्त किए जाएंगे।
- अपील की नई व्यवस्था
- फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील हाईकोर्ट की दो जजों की डिवीजन बेंच में होगी।
- फैसला आने के 30 दिनों के भीतर (अधिकतम 90 दिन) अपील दाखिल करनी होगी।
- अपील स्वीकार होने के 3 महीने के भीतर हाईकोर्ट को फैसला देना होगा।
