KISAU Project: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल-सुरक्षित विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की विशेष उपस्थिति में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने किशाऊ परियोजना से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।
KISAU Project
सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ राजभूषण चौधरी उपस्थित रहेl
वर्षों से प्रतीक्षित इस परियोजना पर बनी सहमति सभी राज्यों के आपसी सहयोग और साझा संकल्प का परिणाम है। किशाऊ परियोजना क्षेत्र की जल और ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।
क्या है किशाऊ परियोजना विवाद
यह परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना की सहायक टोंस नदी पर बनाई जा रही है। यह 15,000 करोड़ रुपये की परियोजना करीब छह दशक (60 साल) से राज्यों के बीच पानी और बिजली के बंटवारे को लेकर लंबित थी। इस परियोजना में शामिल राज्य है उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली।
समझौते का नया फॉर्मूला पानी और बिजली के आदान प्रदान से निकला है समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से का पानी दिल्ली और राजस्थान को मिलेगा।
इस परियोजना की
वित्तीय हिस्सेदारी दिल्ली और राजस्थान सरकारें उठाएगी हिमाचल प्रदेश में बनने वाले बिजली प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक मदद इस प्रोजेक्ट के जल घटक का 90% खर्च केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि बाकी 10% खर्च ये 6 राज्य उठाएंगे इससे उत्तर भारत के बड़े हिस्से में पेयजल, सिंचाई संकट और हरित ऊर्जा (660 मेगावॉट बिजली) की मांग पूरी होगी तथा यमुना नदी के पुनरुद्धार में मदद मिलेगी।
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Reported By Mamta Chaturvedi

