Delhi Master Plan 2047: विकसित भारत के निर्माण की दिशा में विकसित दिल्ली का दूरदर्शी रोडमैप

Delhi Master Plan 2047:दिल्ली मास्टर प्लान-2047 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प को साकार करने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ : खंडेलवाल

Delhi Master Plan 2047

चाँदनी चौक से सांसद एवं कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली मास्टर प्लान-2047 का स्वागत करते हुए इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत–2047” के विज़न के अनुरूप “विकसित दिल्ली” की आधारशिला रखने वाला एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी दस्तावेज़ बताया है।

खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान-2047 केवल एक शहरी विकास योजना नहीं, बल्कि आने वाले दशकों में दिल्ली को वैश्विक स्तर की आर्थिक, तकनीकी, व्यापारिक एवं सामाजिक राजधानी बनाने का व्यापक खाका है। इस योजना में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण, आवास, परिवहन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि उच्च मूल्य वाले उद्योगों और सेवा क्षेत्रों के विकास के लिए प्रस्तावित इकोनॉमिक जोन दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। इससे डेटा सेंटर, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी सेवाएं, अनुसंधान एवं नवाचार, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा तथा लाखों युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होंगे।

खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली और आसपास के राज्यों के बीच बेहतर सड़क, रेल, मेट्रो एवं क्षेत्रीय परिवहन संपर्क विकसित करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को एक मजबूत आर्थिक नेटवर्क में परिवर्तित करेगा। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र को अभूतपूर्व लाभ मिलेगा तथा दिल्ली उत्तर भारत के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि 69 समृद्ध एवं लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रही कॉलोनियों के संबंध में न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप समाधान खोजने का प्रयास लाखों नागरिकों को राहत देगा और उनके संपत्ति अधिकारों को मजबूती प्रदान करेगा।

खंडेलवाल ने मास्टर प्लान में वर्टिकल ग्रोथ की अवधारणा का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि इससे दिल्ली में पुराने एवं जर्जर निर्माणों के पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त होगा, भूमि का बेहतर उपयोग होगा तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों का विकास संभव होगा।

उन्होंने कहा कि 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर मिश्रित भूमि उपयोग (मिक्स्ड लैंड यूज) की नीति व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इससे हजारों व्यापारिक प्रतिष्ठानों को वैधानिक सुविधा मिलेगी, नए निवेश आएंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

खंडेलवाल ने डेटा सेंटर, को-वर्किंग स्पेस, क्लाउड किचन, स्टार्टअप हब, डिजिटल कॉमर्स सेंटर और नई तकनीक आधारित सेवा उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि ये क्षेत्र आने वाले समय में रोजगार और उद्यमिता के सबसे बड़े स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों की उपलब्धता, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तथा उद्यमों को आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए जाने से विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में नियंत्रित एवं व्यवस्थित नाइट इकोनॉमी और नाइट लाइफ को बढ़ावा देने से पर्यटन, आतिथ्य, रिटेल, मनोरंजन एवं सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी तथा हजारों नए रोजगार सृजित होंगे। विश्व के प्रमुख महानगरों की तरह दिल्ली भी 24×7 आर्थिक गतिविधियों वाला शहर बन सकेगी।

श्री खंडेलवाल ने कहा कि मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र विस्तार, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्मार्ट मोबिलिटी, ई-वाहनों के लिए आधारभूत संरचना, मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्मार्ट शहरी सेवाओं पर दिया गया विशेष ध्यान दिल्ली को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगा।

हालांकि उन्होंने कहा कि दिल्ली की व्यापारिक बिरादरी से जुड़े कुछ मूलभूत मुद्दे अभी भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। इनमें सीलिंग और तोड़फोड़ से मुक्ति, सील की गई दुकानों की डी-सीलिंग, व्यापारिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण, पार्किंग सुविधाएं, माल परिवहन व्यवस्था, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं का सरलीकरण, व्यापारिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार जैसे विषय शामिल हैं

खंडेलवाल ने कहा कि इन विषयों पर शीघ्र ही दिल्ली के सभी सांसदों, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता तथा प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि दिल्ली की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक गति देने के लिए ठोस एवं समयबद्ध समाधान निकाले जा सकें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली मास्टर प्लान-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली न केवल देश की राजनीतिक राजधानी रहेगी, बल्कि व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी शहरों की श्रेणी में भी शामिल होगी तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत-2047” के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

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