“कॉकरोच जनता पार्टी अपना नाम बदलकर ‘इस्तीफा जनता पार्टी’ रख ले” — रामदास आठवले

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा न दें, SIR पारदर्शी चुनाव के लिए जरूरी : रामदास आठवले

राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों की इस्तीफे की मांग अनुचित है और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर अनावश्यक सवाल लोकतंत्र की नींव को कमजोर करते हैं : रामदास आठवले

नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि SIR (विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण) के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग सरासर अनुचित है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं विश्वसनीय चुनाव के लिए मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण आवश्यक है और निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।

रामदास आठवले जी ने कहा कि राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग अनावश्यक है। किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर बिना उचित आधार सवाल उठाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास पर असर पड़ सकता है।

रामदास आठवले ने कहा कि निर्वाचन आयोग अपने आंतरिक कामकाज को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण दे चुका है। ऐसे में राजनीतिक दबाव के बजाय संस्थागत प्रक्रिया और आधिकारिक तथ्यों को महत्व दिया जाना चाहिए।

रामदास आठवले जी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर मुद्दे पर इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है और कॉकरोच जनता पार्टी को अपना नाम बदलकर ‘इस्तीफा जनता पार्टी’ रख लेना चाहिए।”

रामदास आठवले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) SIR का समर्थन करती है, क्योंकि इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना तथा एक ही पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज होने की स्थिति में उसकी जांच करना आवश्यक है।

रामदास आठवले  ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र की साझा जिम्मेदारी है और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों, आधिकारिक स्पष्टीकरण और संस्थागत प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।