Mahatma Gandhi Jayanti :
02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगी चर्चा
सीएम योगी के विजन के अनुरूप रोजगार से राशन, पानी, जमीन और महिला सशक्तीकरण तक के मुद्दे ग्राम सभा के केंद्र में होंगे
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी
गांवों में जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी लिया जाएगा संकल्प
Mahatma Gandhi Jayanti
लखनऊ, 01 अक्टूबर : गांधी जयंती पर इस बार गांव की चौपाल सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं सजेगी, बल्कि अपने विकास की दिशा तय करने के लिए बैठेगी। गांव में सबसे पहले किसे रोजगार मिले, कहां पानी बचाया जाए, कौन सा तालाब फिर से जिंदा हो, स्वच्छता की कमी कैसे दूर हो और महिलाओं की आमदनी कैसे बढ़े, ऐसे सवालों पर ग्रामीण खुद ग्राम सभा में मंथन करेंगे। 02 अक्टूबर को ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी से लेकर लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति तक के विषय शामिल होंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम सभा गांव की जरूरतों और कमियों को पहचानकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का भी मंच बनेगी।
ग्राम सभा तय करेगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा यह तय करने में भूमिका निभाएगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए।
‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय के स्तर तक पहुंचकर लखपति दीदी बन रही हैं।
महिलाओं को उद्यम शुरू करने, बाजार से जोड़ने और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों के जरिए सहायता देने की योजना है। अब लखपति दीदियों को सालाना 10 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले स्तर तक पहुंचाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर घर नल ही नहीं, लगातार साफ पानी पहुंचाने पर जोर
जल जीवन मिशन 2.0 में केवल घरों तक नल पहुंचाने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (ODF Plus Model) की ओर ले जाने की तैयारी है। ग्राम सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गांवों में बारिश का पानी बचाने पर भी ग्राम सभाओं का विशेष जोर रहेगा।
ग्राम सभाएं ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान कर सकेंगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास नई जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाने के साथ गर्मी और सूखे के दौरान गांवों में पानी की उपलब्धता बेहतर करना है।
ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा
ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 की मदद ले सकते हैं। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।
नए आपराधिक कानूनों के बारे में गांवों में बढ़ेगी जागरूकता
ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा सहकारिता का नेटवर्क
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