25 Years Of Sewa: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय को मिली नई गति, वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए हुए ऐतिहासिक कार्य : रामदास आठवले
गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा में जनविश्वास, सुशासन और राष्ट्रसेवा को बनाया आधार : रामदास आठवले
गरीब, वंचित, दलित, आदिवासी, पिछड़े, दिव्यांग और महिलाओं के सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा
25 Years Of Sewa
नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प की गौरवशाली गाथा है।
रामदास आठवले ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर 2014 में प्रधानमंत्री और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने तक माननीय नरेंद्र मोदी जी ने जनविश्वास को अपनी राजनीतिक यात्रा का आधार बनाया है।
रामदास आठवले ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याण, सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री आठवले जी ने कहा कि जन-धन, DBT, UPI, प्रधानमंत्री आवास, गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।
रामदास आठवले ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण, छात्रवृत्ति, वित्तीय सहायता और 1.38 करोड़ से अधिक UDID कार्ड जारी किए गए हैं। सुगम्य भारत अभियान के जरिए दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं को अधिक सुगम बनाने का काम हुआ है।
रामदास आठवले ने कहा कि GST, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और PLI जैसी पहलों से अर्थव्यवस्था एवं विनिर्माण को गति मिली, जबकि सड़क, रेलवे, वंदे भारत, मेट्रो, हवाई अड्डों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से देश की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
रामदास आठवले जी ने कहा कि G20 की अध्यक्षता, ग्लोबल साउथ की आवाज, चंद्रयान-3 की सफलता और डिजिटल इंडिया ने विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है।
माननीय श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का 2047 तक विकसित भारत का संकल्प देश को नई दिशा देने वाला राष्ट्रीय लक्ष्य है।

