12th BRICS Parliamentary Forum 2026 : नई दिल्ली / भारत में 12वां ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन होने जा रहा है। इस ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में जरिये जन केंद्रित विकास के लिए संसद की शुद्धता सुदृढ़ीकरण पर सदस्य देशों की संसद के पीठासीन अधिकारी मंथन करेंगे।
12th BRICS Parliamentary Forum 2026
इसके तहत चार उच्च स्तरीय सत्रों में आम सहमति आधारित संवाद होगा । लोकसभा अध्यक्ष एवं बिरला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी। ओम बिरला ने कहा भारत में लोकतंत्र मजबूत है और इसके संवाद एवं स्वतंत्र अभिव्यक्ति की व्यवस्था से दुनिया के अन्य देश लाभ उठा सकते हैं सम्मेलन 26 और 27 अक्टूबर को संसद भवन परिसर में मौजूद संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुताबिक भारत में जिस तरह का लोकतंत्र है जिस तरह से संवाद और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की व्यवस्था है उसके अनुभव का लाभ दुनिया ले। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और पिछले 75 वर्षों में देश ने अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और भी ज्यादा मजबूत किया है इसी वजह से दुनिया की भारत से अपेक्षाएं हैं, यह सम्मेलन भारत के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा और इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों और भागीदार देशों के पीठासीन अधिकारी और संसदीय नेता के साथ केंद्रीय मंत्री राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश राज्य विधान मंडलों के पिता सीन अधिकारी और संसद के साथ अन्य गण मन व्यक्ति भी शामिल होंगे।
कौन कौन से देश शील होंगे
लोकसभा अध्यक्ष एवं बिरला ने कहा कि ब्रिक्स में 11 देश और 10 आमंत्रित देश है सऊदी अरब और इथोपिया अपने स्थानीय कारणों से शामिल नहीं हो सकेंगे । अभी तक 14 देश की सहमति मिल चुकी है इसमें 6 ब्रिक्स देश और आठ सदस्य देश शामिल है । लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत ने अब तक 64 देश के साथ संसदीय मैत्री समूह बनाए हैं और इसका विस्तार किया जा रहा है इन सभी के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है।
अब बात करते हैं सत्र और प्रतिनिधि मंडलों की बैठक की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे और कई देशों से आए शिष्टमंडलों के साथ मुलाकात करेंगे। सम्मेलन के दौरान आगंतुक शिष्टमंडलों के नेताओं के साथ द्विपक्षी और बहुपक्षीय संवाद भी होगा । 25 अक्टूबर को 12वीं बिक्स संसदीय फोरम के संयुक्त वक्तव्य को अंतिम रूप देने के लिए शिष्ट मंडलों के सचिव की बैठक होगी, उन्होंने कहा की क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा के लिए ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों की सांसदों की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समितियां के अध्यक्षों की एक विशेष बैठक भी होगी।
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Reported by Mamta Chaturvedi

