Nasha Mukti Abhiyan: डॉ स्वप्ना वर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने भारी नशा मुक्ति की हुंकार

Nasha Mukti Abhiyan:सतना। बढ़ती नशे की आदत समाज से लेकर देश के लिए घातक होती जा रही है । इस पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश के सतना जिले में महिलाएं लामबंद हुई है।

Nasha Mukti Abhiyan

सामाजिक कार्यकर्ता और मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ स्वप्ना वर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने संकल्प लिया है कि वह सतना को नशा मुक्त बनाएंगी। साथ ही आसपास के जिलों में भी वे जागृति लाने का अभियान चलाएंगी।
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सतना में हुए मातृशक्ति सम्मेलन में शहरी और ग्रामीण इलाकों की महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची । वे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ बड़ी लड़ाई लेने का मन बना कर आई और इसका उन्होंने संकल्प भी लिया ।

मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ वर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से सिर्फ घर और समाज ही नहीं बल्कि देश प्रभावित हो रहा है । वास्तव में महिला हर परिवार की ताकत है और उसकी जिंदगी पर ही सबसे ज्यादा नशे का असर हो रहा है, इसलिए नशे को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा ।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नशे के पदार्थ की बिक्री पर नजर रखें और 6 साल से लेकर 18 साल तक के बच्चे नशे की गिरफ्त में न आए इसका अभियान चलाए और जो लोग नशा करने लगे हैं उन्हें जागरूक किया जाए कि वह अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं ।
डॉ वर्मा ने महिलाओं को देश के हर बच्चे की मां बताते हुए कहा कि बच्चे की सुरक्षा का संकल्प हमें लेना होगा, इसके बदले में भले ही नशे का कारोबार करने वाले हमसे नफरत क्यों न करने लगे, क्योंकि एक माँ सिर्फ एक परिवार या बेटा- बेटी की माँ नहीं है, बल्कि वह वास्तविक अर्थों में देश के बच्चों की मां है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा और हिफाजत हमारी जिम्मेदारी है ।
नशा अब सिर्फ शराब , गांजा, भांग, तंबाकू ,सिगरेट तक सीमित नहीं रह गया । इसकी चर्चा करते हुए डॉ स्वप्ना वर्मा ने कहा कि आज ऐसे नशे के पदार्थ आ गए हैं जो पता ही नहीं चलते और बच्चे नशे की लत में पड़कर अपराध की तरफ भी बढ़ जाते हैं ।
डॉ वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत का सपना लेकर चल रहे हैं, भारत को विश्व गुरु बनाना है और सतना से इसकी शुरुआत करते हुए हमें नशे को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।
इस मौके पर मौजूद शहर की चिकित्सक, समाज सेवी आदि ने इस पहल को अनुकरणीय बताया।
डॉ वर्मा के नेतृत्व में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में हर जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली। इसमें शहर की प्रमुख महिला चिकित्सक, अधिवक्ता, समाजसेवी से लेकर घरेलू महिलाएं तक थी। सम्मेलन में आई महिलाओं के पंजीयन से लेकर उनके स्वागत और अन्य व्यवस्थाएं शहर के निजी स्कूलों की शिक्षाओं ने संभाली। यह आयोजन इस बात का संकेत दे गया कि नशा मुक्ति के खिलाफ सतना से उठी आवाज़ नशा मुक्ति की क्रांति का हिस्सा बन सकती है।

इस अवसर पर महिलाओं को नशे से होने वाले नुकसान , नशा किस तरह का होता है अगर परिवार का कोई सदस्य नशा कर रहा है तो उसे कैसे पहचानें, नशे के चलते महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और नशे के कारण बढ़ती गरीबी तथा बीमारियों से अवगत कराने के लिए कई शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया ।
इस आयोजन की खूबी यह रही कि इसमें बच्चों की हिस्सेदारी रही, जिन्होंने ऐसे पोस्टर लगाए जो नशा से होने वाले नुकसान की कहानी बयां करने वाले थे। इनमें नशे के कारण बर्बाद होती जिंदगी का तो जिक्र था ही, वही जिन परिवारों के सदस्य नशा नहीं करते उन परिवारों में किस तरह की खुशहाली है इसका भी सजीव चित्रण किया गया ।

इस सम्मेलन में महिलाओं ने तय किया है कि वह सतना को नशा मुक्त बनाने के लिए सतना डिक्लेरेशन तैयार करेगी और इसे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समाजसेवियों और प्रशासन तक भेजेंगी । इतना ही नहीं महिलाओं ने नशामुक्त सतना की शपथ ली और संकल्प लिया कि वे अब अपने-अपने वार्ड और गांव में नशा मुक्ति अभियान जोर शोर से चलाएंगी।